जीभ को english में क्या कहते हैं, Tongue को हिंदी में क्या कहते हैं, Tongue meaning in hindi

“टंग” को हिंदी में “जीभ” (Tongue) कहा जाता है। जीभ एक शरीरिक अंग होता है जो बोलने, चबाने, स्वादिष्टीकरण, और भोजन को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके synonyms में include words जैसे कि “speech organ,” “language,” और “verbal expression” शामिल हो सकते हैं। इसके antonyms में “silence” और “mute” शामिल हो सकते हैं, Jeebh ko English me kya kahte hain, Tongue ko hindi me kya kahte hain, Tongue meaning in hindi।

Jeebh ko any kin kin namo se jante hain

“जीभ” (Tongue) को अन्य नामों से भी जाना जाता है, यहाँ कुछ प्रमुख नाम हैं:

1. जिह्वा (Jihva) 2. लिपि (Lipi) 3. जिह्विका (Jihvika) 4. रसना (Rasna) 6. वक्त्रिका (Vaktrika) 7. जीभक (Jeebhak) 8. लिब (Lib)

ये नाम भाषा और क्षेत्र के आधार पर भिन्न-भिन्न हो सकते हैं, लेकिन सभी इन नामों का मतलब एक ही शरीरिक अंग को दर्शाता है, जो भोजन को चबाने, प्राप्त करने, और स्वादिष्ट करने में महत्वपूर्ण होता है, Jeebh ko English me kya kahte hain, Tongue ko hindi me kya kahte hain, Tongue meaning in hindi।

Tongue kya hai, tongue ka matlab kya hai, Tongue meaning in hindi

Tongue ko any kin kin namo se jante hain

“जीभ” (Tongue) को अन्य नामों से भी जाना जाता है, यहाँ कुछ प्रमुख नाम हैं:

1. Language 2. Dialect 3. Vernacular 4. Speech 5. Idiom 6. Lingo 7. Jargon 8. Tongue 9. Vocalization 10. Lexicon

ये नाम भाषा और क्षेत्र के आधार पर भिन्न-भिन्न हो सकते हैं, लेकिन सभी इन नामों का मतलब एक ही शरीरिक अंग को दर्शाता है, जो भोजन को चबाने, प्राप्त करने, और स्वादिष्ट करने में महत्वपूर्ण होता है, Tongue ke synonyms kya kya hain।

Mother tongue meaning in hindi with examples

“Mother tongue” का हिंदी में अर्थ होता है “मातृभाषा”। मातृभाषा वह भाषा होती है जिसे कोई व्यक्ति अपने जन्म से ही सीखता है और जिस पर वह सबसे अच्छी तरह से बोलता है। यह व्यक्ति के जीवन में उसकी पहली भाषा होती है और उसके बचपन से ही सीखी जाती है, Jeebh ko English me kya kahte hain, Tongue ko hindi me kya kahte hain, Tongue meaning in hindi।

उदाहरण:

  • 1. वह अपनी मातृभाषा में बात करने में अच्छे से सक्षम है। (He is proficient in speaking in his mother tongue.)
  • 2. मेरी मातृभाषा हिंदी है, लेकिन मैं अंग्रेजी में भी अच्छा काम कर सकता हूँ। (My mother tongue is Hindi, but I can also work well in English.)
  • 3. बच्चों को अपनी मातृभाषा को सीखने के लिए प्राथमिक शिक्षा में उसका प्रयास करना चाहिए। (Children should make an effort to learn their mother tongue in primary education.)

Glib tongue meaning in hindi

“Glib tongue” का हिंदी में अर्थ होता है “आसानी से बात करने वाली जीभ”। यानी किसी के पास ऐसी क्षमता होती है कि वह बहुत आसानी से और चुटकुले में बात कर सकता है, और वह अकसर दोस्ताना या सुखद तरीके से बातें करता है।

The scholar’s mother tongue meaning in hindi

“The scholar’s mother tongue” आसान शब्दों में हिंदी में “विद्यार्थी की मातृभाषा” का अर्थ होता है। इसका मतलब होता है कि विद्वान या विद्यार्थी की प्राथमिक भाषा या वह भाषा, जिसमें वह सबसे अच्छी तरह से बोलता और समझता है, वह है।

Loose tongue meaning in hindi

“Loose tongue” का हिंदी में सरल शब्दों में अर्थ होता है “बोल-चाल का बिना सोचे-समझे में हो जाना” या “बिना सोचे-समझे बकना”। यदि किसी का जीभ बहुत तेजी से या बिना सोचे-समझे कुछ बोल जाए और यह आमतौर पर बिना सोचे-समझे कुछ गलत या विवादपूर्ण होता है, तो हम उसे “बोल-चाल का बिना सोचे-समझे में हो जाना” के रूप में व्यक्त कर सकते हैं।

Mind your tongue meaning in hindi

“Mind your tongue” का हिंदी में अर्थ होता है “अपनी ज़बान पर ध्यान दो” या “ज़बान संभाल कर बोलो”। इसका मतलब होता है कि आपको सावधानी रखनी चाहिए ताकि आपकी बोली गई बातें या शब्दों से किसी को आपत्ति नहीं होती और आप विनम्रता से बोलते हैं।

Slip of tongue meaning in hindi

“Slip of tongue” का हिंदी में आसान शब्दों में मतलब होता है “जीभ की चूक” या “बोलचाल की गलती”। इसका मतलब होता है कि कोई व्यक्ति बोलते समय गलत शब्द, आवाज, या वाक्य प्रोनाउंस कर देता है, जो उसका इरादा नहीं होता, और इसका कारण अकसर मानसिक या भाषाई लापरवाही हो सकती है।

Papillae of tongue meaning in hindi

“Papillae of tongue” का अर्थ होता है “जीभ की ऊँगलियाँ” या “जीभ की छोटी बबूलें”। यह वे छोटे ऊँगली जैसे बर्तन हैं जो जीभ की सत्रित्व पर होते हैं और Tongue के स्वाद बुद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन पपिलों पर स्वाद रेसप्टर होते हैं, जिनका मुख्य कार्य स्वाद को पहचानना है।

jeebh me haddi hoti hai ya nahi

नहीं, Tongue में हड्डी नहीं होती है। Tongue एक मांसपेशी होती है, जिसमें इसके चारों ओर मांस के टिश्यू होते हैं, लेकिन इसमें कोई हड्डी नहीं होती है। जीभ का प्रमुख काम भोजन को चबाना और ग्रिन्ड करना होता है, जिससे वह हलके टुकड़ों में कट जाता है।

Jeebh se swad ka pata kaise chalta hai, How tongue detects taste

जीभ से स्वाद पता चलने की प्रक्रिया को स्वादन कहते हैं। स्वादन की प्रक्रिया में जीभ की स्वाद कलिकाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। जीभ की ऊपरी सतह पर छोटी-छोटी उभारे होती हैं, जिन्हें स्वाद कलिकाएं कहते हैं। इन स्वाद कलिकाओं में स्वाद ग्राही होते हैं, जो स्वाद के कणों को पहचानते हैं

जब हम कोई खाद्य पदार्थ खाते हैं, तो वह पदार्थ हमारी जीभ पर फैलता है। स्वाद कलिकाओं में मौजूद स्वाद ग्राही इन पदार्थों में मौजूद स्वाद के कणों को पहचानते हैं। इन स्वाद के कणों से उत्तेजित होकर स्वाद ग्राही तंत्रिका आवेग उत्पन्न करते हैं। ये तंत्रिका आवेग तंत्रिकाओं द्वारा मस्तिष्क तक पहुँचते हैं। मस्तिष्क इन तंत्रिका आवेगों को समझकर उस पदार्थ का स्वाद पहचानता है।

स्वादन की प्रक्रिया में लार का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है। लार भोजन के कणों को घोलकर उन्हें स्वाद ग्राहियों के लिए सुलभ बनाती है।

स्वादन एक जटिल प्रक्रिया है, जिसमें कई अलग-अलग अंग और तंत्रिकाएँ शामिल होती हैं। स्वाद हमारे भोजन को और अधिक स्वादिष्ट और आनंददायक बनाता है, Jeebh ko English me kya kahte hain, Tongue ko hindi me kya kahte hain, Tongue meaning in hindi ।

जीभ क्या है और उसका कार्य क्या है, jeebh kya hai aur uska pramukh kary kya hai

जीभ हमारे मुंह के अंदर की एक मांसपेशी होती है। यह खाने को चबाने, निगलने, बोलने और स्वाद लेने में मदद करती है। जीभ की सतह पर कई छोटे-छोटे उभार होते हैं जिन्हें अंकुर कहा जाता है। इन अंकुरों पर स्वाद कलिकाएं होती हैं जो हमें विभिन्न स्वादों का पता लगाने में मदद करती हैं।

जीभ के मुख्य कार्य निम्नलिखित हैं:

  • भोजन को चबाना और निगलना: जीभ भोजन को चबाने और निगलने में मदद करती है। यह भोजन को मुंह के चारों ओर घुमाकर और उसे छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़कर चबाने में मदद करती है। निगलने के दौरान, जीभ भोजन को निगलने की नली में धकेलती है।
  • बोलना: जीभ बोलने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह होंठों, दांतों और तालु के साथ मिलकर स्वर और ध्वनियाँ उत्पन्न करती है।
  • स्वाद लेना: जीभ के अंकुरों पर स्वाद कलिकाएं होती हैं जो हमें विभिन्न स्वादों का पता लगाने में मदद करती हैं। इन स्वादों में मीठा, नमकीन, खट्टा और कड़वा शामिल हैं।

जीभ एक महत्वपूर्ण अंग है जो हमारे जीवन के कई पहलुओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

Jeebh ki bhoomika kya hai

जीभ हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है। यह हमारे मुंह के अंदर स्थित एक मांसपेशी है। जीभ की कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • भोजन को चबाना और निगलना आसान बनाना: जीभ भोजन को चबाने में मदद करती है, जिससे इसे छोटे टुकड़ों में तोड़ा जा सके। यह भोजन को निगलने में भी मदद करती है, जिससे यह हमारे पेट तक पहुंच सके।
  • स्वाद का अनुभव करना: जीभ पर स्वाद कलिकाएं होती हैं जो हमें भोजन का स्वाद चखने में मदद करती हैं। ये स्वाद कलिकाएं चार अलग-अलग स्वादों को पहचानती हैं: मीठा, खट्टा, खारा और कड़वा।
  • बोलना: जीभ हमें बोलने में मदद करती है। यह स्वर बनाने और शब्दों को स्पष्ट रूप से बोलने में मदद करती है।
  • मुख का तापमान नियंत्रित करना: जीभ मुख के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करती है। यह गर्म भोजन को ठंडा करने और ठंडे भोजन को गर्म करने में मदद करती है।

जीभ की भूमिका को आसान शब्दों में समझा जाए तो, यह हमारे मुंह में एक बहुमुखी उपकरण है जो हमें भोजन करना, स्वाद चखना, बोलना और मुख का तापमान नियंत्रित करने में मदद करता है, Jeebh ko English me kya kahte hain, Tongue ko hindi me kya kahte hain, Tongue meaning in hindi ।

जीभ में कौन से भाग होते हैं, jeebh me kaun kaun se bhag hote hain

जीभ में तीन मुख्य भाग होते हैं:

  • अग्रभाग: यह जीभ का सबसे आगे का भाग है। यह मीठे स्वाद के लिए सबसे संवेदनशील होता है।
  • पश्चभाग: यह जीभ का सबसे पीछे का भाग है। यह कड़वे स्वाद के लिए सबसे संवेदनशील होता है।
  • पार्श्व भाग: यह जीभ के दोनों किनारों का भाग है। यह नमकीन और खट्टे स्वाद के लिए सबसे संवेदनशील होता है।

इन तीन मुख्य भागों के अलावा, जीभ में कुछ अन्य भाग भी होते हैं, जैसे:

  • जीभ का आधार: यह जीभ का सबसे नीचे का भाग है। यह मुख के निचले भाग से जुड़ा होता है।
  • जीभ की नोक: यह जीभ का सबसे आगे का बिंदु होता है। यह जीभ को हिलाने में मदद करता है।
  • जीभ के किनारे: यह जीभ के दोनों किनारों का भाग होता है। यह जीभ को चबाने और निगलने में मदद करता है।

जीभ में स्वाद कलिकाएँ होती हैं, जो स्वाद का पता लगाती हैं। स्वाद कलिकाएँ जीभ के सभी भागों में पाई जाती हैं, लेकिन वे सबसे अधिक अग्रभाग और पार्श्व भाग में होती हैं।

जीभ एक महत्वपूर्ण अंग है। यह हमें खाने का स्वाद लेने में मदद करती है। यह हमें बोलने और चबाने में भी मदद करती है, Jeebh ko English me kya kahte hain, Tongue ko hindi me kya kahte hain, Tongue meaning in hindi ।

जीभ में क्या पाया जाता है, jeebh me kya paya jata hai

जीभ में निम्नलिखित पाए जाते हैं:

  • पेशियां: जीभ में लगभग 100 मांसपेशियां होती हैं। ये मांसपेशियां जीभ को विभिन्न दिशाओं में हिलने-डुलने में सक्षम बनाती हैं।
  • रक्त वाहिकाएं: जीभ में रक्त वाहिकाएं होती हैं जो इसे रक्त की आपूर्ति करती हैं।
  • तंत्रिकाएं: जीभ में तंत्रिकाएं होती हैं जो इसे संवेदनशीलता प्रदान करती हैं।
  • लार ग्रंथियां: जीभ में लार ग्रंथियां होती हैं जो लार का उत्पादन करती हैं। लार भोजन को निगलने में मदद करती है और मुंह को साफ रखती है।
  • स्वाद कलिकाएं: जीभ में स्वाद कलिकाएं होती हैं जो स्वाद की भावना को नियंत्रित करती हैं।

जीभ के विभिन्न भागों में पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार की मांसपेशियां होती हैं। ये मांसपेशियां जीभ को विभिन्न आकार और आकार देने में सक्षम बनाती हैं। जीभ के सामने वाले भाग में मांसपेशियां होती हैं जो इसे आगे की ओर धकेलती हैं। जीभ के पीछे वाले भाग में मांसपेशियां होती हैं जो इसे पीछे की ओर खींचती हैं। जीभ के किनारों पर मांसपेशियां होती हैं जो इसे किनारे की ओर मोड़ती हैं।

जीभ में रक्त वाहिकाएं होती हैं जो इसे रक्त की आपूर्ति करती हैं। रक्त वाहिकाओं में ऑक्सीजन और पोषक तत्व होते हैं जो जीभ की कोशिकाओं को जीवित रखने के लिए आवश्यक होते हैं।

जीभ में तंत्रिकाएं होती हैं जो इसे संवेदनशीलता प्रदान करती हैं। तंत्रिकाओं में संवेदी रिसेप्टर्स होते हैं जो स्पर्श, दर्द, तापमान और स्वाद जैसे संवेदनाओं को महसूस करते हैं।

जीभ में लार ग्रंथियां होती हैं जो लार का उत्पादन करती हैं। लार भोजन को निगलने में मदद करती है और मुंह को साफ रखती है।

जीभ में स्वाद कलिकाएं होती हैं जो स्वाद की भावना को नियंत्रित करती हैं। स्वाद कलिकाओं में स्वाद कलिकाएं होती हैं जो विभिन्न प्रकार के स्वाद जैसे मीठा, नमकीन, खट्टा और कड़वा का पता लगा सकती हैं, Jeebh ko English me kya kahte hain, Tongue ko hindi me kya kahte hain, Tongue meaning in hindi।

जीभ की लम्बाई कितनी होती है, Jeebh ki lambai kitni hoti hai

जीभ की लम्बाई व्यक्ति के लिंग, उम्र, और अनुवांशिकी पर निर्भर करती है। सामान्य तौर पर, पुरुषों की जीभ महिलाओं की जीभ से थोड़ी लंबी होती है। पुरुषों की जीभ की औसत लंबाई 3.34 इंच (8.5 सेमी) होती है, जबकि महिलाओं की जीभ की औसत लंबाई 3.11 इंच (7.9 सेमी) होती है। हालांकि, कुछ लोगों की जीभ बहुत लंबी या बहुत छोटी भी हो सकती है।

Tongue synonyms in hindi

  • जीभ (jībh)
  • ज़बान (zabān)
  • भाषा (bhāṣā)
  • लहजा (lahjā)
  • कंठ (kaṇṭha)

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